Yamaha Electric Cycle:- इलेक्ट्रिक साइकिल सेगमेंट में रेंज को लेकर दावे अक्सर चर्चा का विषय रहते हैं। हाल ही में “Yamaha Electric Cycle” के 120KM रेंज दावे को लेकर भी इसी तरह की बहस देखने को मिली है। हालांकि, इस दावे के पीछे सबसे अहम भूमिका बैटरी वोल्टेज—खासकर 48V सेटअप—की बताई जा रही है।
120KM रेंज का दावा: किन शर्तों पर आधारित हो सकता है
रेंज आमतौर पर “आदर्श परिस्थितियों” में मापी जाती है। इसमें हल्के राइडर वेट, समतल सड़क, मध्यम गति, सही टायर प्रेशर और सीमित पेडल-असिस्ट जैसे कारक शामिल हो सकते हैं।
कई मामलों में यह रेंज “पेडल असिस्ट” मोड में रिपोर्ट की जाती है, जहां मोटर पूरी तरह अकेले काम नहीं करती। इसलिए 120KM का आंकड़ा उपयोग के तरीके पर निर्भर कर सकता है।
48V बैटरी: असली कहानी क्या है
इलेक्ट्रिक साइकिल में 48V सिस्टम को आमतौर पर बेहतर पावर डिलीवरी और अधिक कुशल प्रदर्शन से जोड़ा जाता है। लेकिन केवल वोल्टेज से रेंज तय नहीं होती—बैटरी की कुल ऊर्जा (Wh) अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।
उदाहरण के लिए, 48V बैटरी का 10Ah पैक लगभग 480Wh ऊर्जा देता है, जबकि 48V 15Ah पैक लगभग 720Wh तक जा सकता है। रेंज का वास्तविक अनुमान इन्हीं Wh, राइडिंग स्टाइल और मोटर की खपत पर निर्भर करता है।
रेंज तय करने में कौन-कौन से कारक निर्णायक हैं
48V बैटरी होने के बावजूद रेंज अलग-अलग उपयोग में काफी बदल सकती है। शहर की ट्रैफिक, बार-बार ब्रेकिंग, चढ़ाई, तेज हवा और खराब सड़कें ऊर्जा खपत बढ़ा सकती हैं।
राइडर का वजन, सामान का भार, टायर की चौड़ाई, और ई-बाइक का कुल वजन भी रेंज को प्रभावित करते हैं। इसके अलावा मोटर की रेटिंग, कंट्रोलर ट्यूनिंग और असिस्ट लेवल का चुनाव भी महत्वपूर्ण होता है।
120KM बनाम वास्तविक उपयोग: उपभोक्ता क्या ध्यान रखें
खरीद से पहले बैटरी की स्पेसिफिकेशन शीट में वोल्टेज के साथ-साथ Ah/Wh, चार्जिंग साइकिल, और वारंटी शर्तें देखना उपयोगी माना जाता है। इसी तरह यह समझना भी जरूरी है कि दावा “थ्रॉटल-ओनली” पर है या “पेडल असिस्ट” पर।
यदि संभव हो, तो टेस्ट राइड या समान परिस्थितियों में वास्तविक यूजर रिव्यू से भी अनुमान लगाया जा सकता है कि रोजमर्रा के कम्यूट में कितनी रेंज मिल सकती है।